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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार के खिलाफ गिरफ्तारी और कुर्की का वारंट जारी

इलाहाबाद / प्रयागराज।  उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू पुराने मुकदमे में अदालत के आदेश की तौहीन करने पर बुरे फंस गये हैं। नाराज अदालत ने उनके विरूद्ध गैर जमानतीय वारंट जारी करने के बाद कुर्की की कार्रवाई शुरू करने को कहा है। मामला सांसद विधायक स्पेशल कोर्ट से जुड़ा हुआ है। जहां उनके खिलाफ एक दशक पूर्व दर्ज हुये मुकदमे की सुनवाई हो रही है, लेकिन सुनवाई के दौरान वारंट जारी होने के बाद भी वह हाजिर नहीं हो रहे थे। जिस पर विशेष अदालत ने उनके विरूद्ध गैर जमानतीय वारंट को तामिल कराने के साथ कुर्की की कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल कोर्ट के जज  डॉ. बालमुकुंद कर रहे हैं।  इस मुकदमे की अगली सुनवाई अब 24 नवंबर को होगी और तब तक पुलिस को संबंधित कार्रवाई को पूरा करने का निर्देश दिया है। हालांकि संभावना है कि अब अजय कुमार कोर्ट में हाजिर होकर माफी के साथ उपस्थित हो जाये, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल जाये।

क्या है मामला

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उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में तत्कालीन विधायक अजय कुमार उर्फ लल्लू एक जन आंदोलन के दौरान रेलवे लाइन पर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान रेल की पटरी पर बैठकर ट्रेनें रोक दी गयी और संचालन बाधित किया गया । इसी मामले में घटना वाले दिन यानी 19 अगस्त 2008 को कुशीनगर के आरपीएफ थाना कप्तानगंज में आरपीएफ पुलिस ने रेल अधिनियम की धारा के तहत उनपर मुकदमा दर्ज किया था। इस मुकदमे की सुनवाई कुशीनगर में होने लगी, लेकिन अजय वहां हाजिर नहीं हो रहे थे। इसी बीच यह मामला प्रयागराज की स्पेशल कोर्ट आ गया। जहां सुनवाई के दौरान पुन: अजय के विरूद्ध वारंट जारी हुआ, लेकिन अजय की ओर से पुरानी प्रक्रिया के तहत अदालत के आदेश की अनदेखी जारी रही। जिस पर नाराज कोर्ट ने इस मामले में अजय के विरूद्ध गैर जमानतीय वारंट को तामिल कराने के साथ कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।

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अदालत ने कहा डुग्गी पिटवाओ

स्पेशल कोर्ट ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की घोर लापरवाही को देखते हुये सख्त रूख अपना लिया है और साफ लहजे में कहा है कि कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने के लिये डुग्गी पिटवाई जाये । अदालत ने वारंट को तामिल करवाने के लिये कुशीनगर के एसपी को भी पत्र लिखा है और वारंट को तामिल कराने को कहा है। बतां दे कि कुर्की की कार्रवाई शुरू करने के दौरान नगाडा बजाकर मुनादी करायी जाती है। इसमें वारंटी के घर पर मोहल्ले में चिल्ला चिल्ला कर कार्रवाई की जानकारी दी जाती है। इसे डुग्गी पिटवाना कहते हैं। यह कानूनी रूपी से चली आ रही पुरानी परंपरा है, जिसका निर्वाहन लगातार किया जाता है।

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Written by Amarish Shukla

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