in

बेकाबू ट्रक ने चार को रौंदा, एक पुलिस हेड कांस्टेबल समेत दो की मौत, दो सिपाही घायल

इलाहाबाद / प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में सोमवार को बेकाबू ट्रक ने तीन सिपाही व एक जूस विक्रता को टक्कर मारी दी। घटना स्थल पर ही एक हेड कांस्टेबल व जूस विक्रेता की मौत हो गयी। जबकि दो अन्य सिपाहियों को गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। घटना  नैनी थाना क्षेत्र के मामा.भाजा तालाब के निकट हुई है। घटना के दौरान सिपाही ड्यूटी पर थे और बताया यह जा रहा है कि घटना स्थल पर वसूली चल रही थी। हालांकि पुलिस ने वसूली जैसी घटना से इन्कार किया है और इसे सड़क हादसा बताया है। इसे मामले में एसएसपी अतुल शर्मा ने बताया कि अनियंत्रित ट्रक ने ड्यूटी पर रहे तीन सिपाही व एक फल विक्रता के साथ पांच बाइकों को भी रौंद दिया है। घटना में गाजीपुर के रहने वाले हेड कांस्टेबल नारायण सिंह व घूरपुर के फल विक्रेता वसीम की मौत हो गई। जबकि सिपाही बृजेश यादव व अजय सिंह जख्मी हो गए। इन दोनों को इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया है।ट्रक पर सीमेंट लदा हुआ है और घटना के बादचालक ट्रक छोड़कर भाग गया है। घटना के समय तीन लोग और भी मौजूद थे, जो बाल बाल बच गये हैं। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ऐसे हुई दुर्घटना
पुलिस के अनुसार प्रयागराज जिले के नैनी थाने में सिपाही नारायण सिंह, बृजेश यादव, अजय सिंह की पोस्टिंग है। सोमवार को इनकी ड्यूटी मामा.भांजा तालाब के पास लगी हुई थी और यह ड्यूटी पर थे। तीनों सिपाही घूरपुर के रहने वाले जूस विक्रता वसीम अहमद के साथ सड़क के किनारे एक चाय की दुकान पर चाय पी रहे थे । तभी तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर चार की दुकान की ओर आ गया । जिसकी चपेट में तीनों सिपाही व फल विक्रता आ गये। घटना स्थल पर ही नारायण सिंह, वसीम की दर्दनाक मौत हो गयी। जबकि बृजेश और अजय गंभीर रूप से घायल हो गये। घटना के दौरान वहां तीन और लोगों के मौजूद होने की जानकारी पुलिस ने दी और बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को अस्पताल लेकर पहुंची। अस्पताल में सिपाही नारायण सिंह और वसीम को मृत घोषित कर दिया। जबकि घायल सिपाही अजय और बृजेश का इलाज चल रहा है।
वसूली की चर्चा
घटना के बाद आस पास के इलाके में यह चर्चा रही कि ट्रक चालकों से वसूली चल रही थी और इस दौरान ही यह हादसा हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि वसीम के जरिये ही वसूली की जा रही थी। ताकि वर्दी में कोई वूसली करते हुये फोटो आदि न खींच ले। वहां मौजूद दुकानदारों ने बताया कि वसूली को लेकर यहां आये दिन सिपाहियों और ट्रक चालकों के बीच बवाल होता है, कयी बार मारपीट भी हो चुकी है। हालांकि पुलिस ने वसूली को सिरे से खारिज कर इसे दुर्घटना बतायास है। घटना में मारे गये सिपाही नारायण सिंह निवासी गाजीपुर जिले के जमनिया थानान्तर्गत पारनवाल गांव के रहने वाले थे।
Nokia [CPS] IN

Written by Amarish Shukla

यूपीपीएससी : 6 साल बाद जारी हुआ 2013 चिकित्साधिकारी भर्ती का रिजल्ट, 325 का चयन

दरवेश यादव की हत्या के बाद चल रहा कुर्सी का विवाद थमा, हरिशंकर सिंह बने बार यूपी बार कौंसिल अध्यक्ष