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गुजरात दंगा : PM मोदी को क्लीन चिट के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली

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लखनऊ न्यूज़ डेस्क :  2002 के गुजरात दंगों के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को जांच में क्लीन चिट दिए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जनवरी के तीसरे हफ्ते तक के लिए टाल दी गई. यह याचिका कांग्रेस के सांसद रहे एहसान जाफरी की पत्नी जकिया जाफरी ने दायर की है.अब जनवरी 2019 के तीसरे हफ्ते में इस मामले में सुनवाई होगी. आपको बता दें कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री ने थे तो उन पर 2002 के गुजरात दंगों का षड़यंत्र रचने का आरोप लगा था.

27 फरवरी 2002 को गोधरा में साबरमती ट्रेन के कोच में आग लगा दी गई थी. इसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी। मारे गए ज्यादातर लोग अयोध्या से लौट रहे कारसेवक थे. इस घटना के बाद गुजरात में दंगे भड़क गए थे. इनमें करीब 1000 लोगों की जान चली गई.

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अक्टूबर 2017 में गुजरात हाईकोर्ट ने स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम की जांच को बरकरार रखते हुए नरेंद्र मोदी समेत 58 लोगों को क्लीन चिट दे दी थी। यह याचिका जाकिया जाफरी और तीस्ता सेतलवाड़ की जस्टिस एंड पीस फाउंडेशन ने दाखिल की है जिसने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी और 2002 में क्लोजर रिपोर्ट को पलटने वाले मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को आधार बनाया गया है

जकिया जाफरी का आरोप है कि दंगा भड़कने के दौरान उनके पति वरिष्ठ नेताओं और पुलिस अफसरों को फोन करते रहे, लेकिन गुलबर्ग साेसायटी तक मदद नहीं पहुंची और दंगाइयों को रोका नहीं जा सका. दंगों के वक्त मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। एसआईटी ने 8 फरवरी 2012 को क्लोजर रिपोर्ट दायर की. इसमें मोदी और अन्य अफसरों को क्लीन चिट दी गई. इसके खिलाफ जकिया जाफरी की याचिका को दिसंबर 2013 में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की कोर्ट और 2017 में गुजरात हाईकोर्ट ने ठुकरा दिया था

27 अप्रैल 2009 को सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को जाकिया की शिकायत पर कार्रवाई करने को कहा. इस मामले में एसआईटी ने मोदी से मार्च 2012 में पूछताछ की और इसके एक साल बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। क्लोजर रिपोर्ट में कहा गया कि मोदी के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले



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