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सहारनपुर जहरीली शराब कांड; सामूहिक चितायें देख सहमे लोग, सीएम योगी ने बताई सपा की साजिश

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब का तांडव आज भी जारी है और सहारनपुर के तीन थाना क्षेत्रों के 17 गांव में मौत की संख्या बढ़कर 81 हो गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मौतों के पीछे गहरी साजिश की आशंका जताई और कहा कि ऐसी घटनाएं पहले भी बाराबंकी, हरदोई, आजमगढ़, कानपुर में हो चुकी हैं, जिसकी जांच में साजिश सामने आई थी। साजिश में समाजवादी पार्टी की भूमिका संदिग्ध है।

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सहारनपुर में इससे प्रभावित 90 से ज्यादा मरीजों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। जिला प्रशासन ने 46 का पोस्टमार्टम कराया है, हालांकि प्रशासन जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 36 बता रहा है। पुलिस की तरफ से तीन एफआइआर दर्ज कर करीब 39 की गिरफ्तारी की गईं है।

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हरिद्वार के थाना झबरेड़ा के गांव बालूपुर में ज्ञान सिंह के बड़े भाई की तेरहवीं में गुरुवार रात शराब परोसी गई थी। इसी के पीने से अब तक 81लोगों की मौत और 90 से ज्यादा के उपचाराधीन होने की बात कही जा रही है। सहारनपुर के ही एक ग्र्रामीण पिंटू द्वारा शराब लाना बताया जा रहा है। उसकी भी शराब पीने से मौत हो गई। पुलिस व आबकारी टीम की संयुक्त कार्रवाई चल रही है।

सहारनपुर से मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किए गए 18 ग्रामीणों ने रात दम तोड़ा तो जिला प्रशासन सहम गया। रविवार तक होने वाली मौत में गांव उमाही में 14, सलेमपुर में नौ, ताजपुर में पांच, कोलकी में 14, शरबतपुर में तीन, बढ़ेडी गुर्जर में चार, खजूरी अकबरपुर में दो, पठेड़ में एक, बडोला में तीन, गागलहेड़ी में एक, गांव कमाली में एक, देवबंद के गांव नाफेपुर में दो, शिवपुर में चार, खेड़ामुगल में चार, डांकोवाली में एक, बिलासपुर में एक, नितानंदपुरी में एक, गड़ोरा में एक, मोहिद्दिनपुर में एक और तल्हेड़ी खुर्द में एक की मौत हो चुकी है।

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जहरीली शराब से हुई मौतों ने राजनैतिक गलियारे में भी हलचल पैदा कर दी है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जहाँ बीजेपी पर आरोप मढ़े है वही सीएम योगी स्वयं इसे सपा की साजिश बता रहे है। इसी बीच भीम आर्मी और कांग्र्रेस ने भी योगी  सरकार को घेरा है।

मेरठ मेडिकल कॉलेज में पहुंचे कांग्र्रेस नेता इमरान मसूद ने सहारनपुर प्रकरण को सरकार की विफलता बताया। कांग्र्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने मर्चरी पहुंचकर भी मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। दावा किया कि मौत का आंकड़ा 85 पार कर चुका है। पीडि़तों की आर्थिक स्थिति कमजोर है। लिहाजा सरकार को चाहिए कि उनके जीवन-यापन, बच्चों की पढ़ाई व परिवार के खर्च का इंतजाम करे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से 50 लाख व बीमारों को 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की।

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भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री से जिलाधिकारी, एसएसपी व सीओ के खिलाफ रासुका की कार्रवाई और मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये व सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की है। चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी तो सोमवार से वह कलक्ट्रेट में धरने पर बैठेंगे।

सहारनपुर के गांव खेड़ामुगल में चार, गांव उमाही में नौ तथा सलेमपुर में पांच लोगों के शवों का सामूहिक चिता जलाकर अंतिम संस्कार किया गया। यह मंजर देख वहां मौजूद लोगों की रूह कांप गई। गांव कोलकी में शवों का अलग-अलग दाह संस्कार किया गया। जिलाधिकारी आलोक पांडे ने बताया कि अब तक 46 ग्रामीणों की मौत हुई है। सभी का पोस्टमार्टम कराया गया है। इनमें से 36 लोगों की मौत शराब से होना डाक्टर द्वारा बताया जा रहा है।



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