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राज्यसभा चुनाव : किंग महेन्‍द्र को हुआ बाबा रामभद्राचार्य के आशीर्वाद का फायदा,

नेशनल टीवी इंडिया : (ब्यूरो रिपोर्ट बिहार) राज्यसभा चुनाव में किंग महेन्द्र् के टिकट के लिए बाबा रामभद्राचार्य ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पटना आकर सिफारिश भी किये थे. राज्यसभा चुनाव के लिए जदयू ने भी अपने दोनों उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है. जदयू ने रविवार की देर शाम इसका एलान किया. जदयू ने पार्टी के वरीय नेता व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह और बिजनेस मैन किंग महेंद्र को अपना उम्मीदवार बनाया है. इसके साथ ही अब जदयू के दोनों घोषित उम्मीदवार सोमवार 12 मार्च को नॉमिनेशन करेंगे.

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आंकड़ों के अनुसार दोनों उम्मीदवारों का राज्यसभा जाना तय है. हालांकि वशिष्ठ नारायण सिंह का नाम उम्मीदवारी के लिए पहले से ही तय था, लेकिन दूसरे नाम पर विमर्श चल रहा था. दूसरे नाम पर अंतिम फैसला किंग महेंद्र के नाम पर लिया गया. बता दें कि नेशनल टीवी इंडिया ने सबसे पहले वशिष्ठ नारायण सिंह के नाम पर संभावना जतायी थी. वहीं बाबा रामभद्राचार्य के नीतीश कुमार से मिलने के बाद किंग महेंद्र के नाम पर भी फैसला लेने की उम्मीद नेशनल टीवी इंडिया ने जतायी थी. टिकट मिलने के गणित को भी बताया था.

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वशिष्ठ नारायण सिंह फिलहाल जदयू के प्रदेश अध्यक्ष पद पर काबिज हैं. वे इस पद पर तीसरी बार बने. वशिष्ठ नारायण सिंह 30 नवंबर, 2010 से ही इस पद पर हैं. वे पहली बार वर्ष 2013 में प्रदेश अध्यक्ष चुने गये थे. दरअसल वशिष्ठ नारायण सिंह पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर पूरा भरोसा है. ऐसे में दो सीटों में एक के लिए उनका नाम तय था. उनके नाम को लेकर कोई जिच भी पार्टी में नहीं थी.उधर बिहार से जिन राज्यसभा सांसदों की सीटें खाली हो रही हैं. उनमें राज्यसभा सांसद किंग महेंद्र भी हैं. फिलहाल वे जदयू कोटे से ही राज्यसभा के सांसद हैं. हालांकि अंतिम समय में पूर्व विधायक अरुण मांझी का नाम आ रहा था. लेकिन अंत में जदयू के दूसरे उम्मीदवार के रूप में किंग महेंद्र के नाम पर ही जदयू के आलाकमान की मुहर लगी. अब दोनों उम्मीदवार सोमवार 12 मार्च को नामांकन करेंगे. दोनों का निर्विरोध राज्यसभा जाना तय है. सदन के आंकड़े उन दोनों के पक्ष में हैं.बता दें कि बिहार में 6 सीटों के लिए राज्यसभा के चुनाव होने जा रहे हैं. लेकिन राजद, जदयू व भाजपा के जनप्रतिनिधियों के आंकड़े के अनुसार 5 सीटों की स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है. 5 सीटों में से राजद व जदयू के खाते में 2-2 सीटों का निर्विरोध जाना तय है, वहीं 1 सीट भाजपा के खाते में जाएगी. वहीं छठी सीट के लिए मामला फंसा हुआ है. यदि एनडीए की ओर से किसी उम्मीदवार को नहीं उतारा गया तो छठी सीट कांग्रेस के खाते में जाएगी. अभी तक के आंकड़े बताते हैं कि यदि कांग्रेस में किसी तरह की क्रॉस वोटिंग नहीं हुई तो छठी सीट पर पार्टी का कब्जा हो जाएगा.

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Written by National TV

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