Main Menu

OMG : छत्तीसगढ़ में दाल-चावल खाने वाले मगरमच्छ गंगाराम की मौत पर रोया पूरा गांव, निकाली अंतिम यात्रा, अब बनेगा मंदिर

Share This Now

नेशनल टीवी इंडिया : (ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़) मगरमच्छ के नजर आते ही लोगों को उससे भयभीत होते और उसके मारने के जतन करते हुए देखा और सुना होगा, लेकिन क्या किसी मगरमच्छ के मरने से लोगों के गमजदा हो सकते हैं ये बात थोड़ी अटपटी जरूर लगेगी लेकिन यह सच है। छत्तीसगढ़ में मगरमच्छ ‘गंगाराम’ की मौत से ना केवल पूरे गांव में मातम छाया हुआ है बल्कि लोग उसकी मौत पर आंसू भी बहा रहे हैं। यह गांव है बवामोहतरा जो रायपुर के बेमेतरा जिले में है।

मंगलवार सुबह अचानक गंगाराम पानी के ऊपर आ गया। जब मछुआरों ने पास जाकर देखा तो गंगाराम की मौत हो चुकी थी। गंगाराम का शव तालाब से बाहर निकाला गया। पूरे गांव में मुनादी करवाई गई। जिसके बाद पूरा गांव उसके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। ग्रामीणों ने सजा-धजाकर ट्रैक्टर पर उसकी अंतिम यात्रा निकाली। गंगाराम को श्रद्धांजलि देने के लिए पूरा गांव इकट्ठा हो गया। दूर-दूर से लोग गंगाराम के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।

OMG : जानिए क्या हुआ जब नेहा ककङ ने सोनू निगम के सामने उतरा गाउन…..

आमतौर पर तालाब में मगरमच्छ आने की खबर के बाद ही लोग वहां पर जाना छोड़ देते हैं। लेकिन गंगाराम के साथ ऐसा नहीं था। उसने कभी किसी भी ग्रामीण को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। वहीं तालाब में नहाते समय जब लोग मगरमच्छ से टकरा जाते थे तो वह खुद ही दूर हट जाता था। तालाब में मौजूद मछलियां ही गंगाराम का आहार थीं। मगरमच्छ गंगाराम को लोग घर से लाकर दाल चावल भी खिलाते थे और वह बड़े चाव से खाता था।

ग्रामीणों ने कभी भी गंगाराम को परेशान नहीं किया। एक आत्मीय रिश्ता इस बेजुबान मगरमच्छ से गांव वालों का जुड़ गया था। ग्रामीणों का कहना है कि गंगाराम से उनका रिश्ता कईं पीढ़ियों से चला आ रहा है। गंगाराम के शव को गांव में घुमाने से पहले लोगों ने उसकी पूजा भी की। अब उसकी याद में गांव में मंदिर निर्माण कराया जाएगा।



Leave a Reply