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प्रयागराज बना देश का सबसे ज्यादा बेरोजगारों वाला शहर, इन शहरों का भी देखें हाल

इलाहाबाद / प्रयागराज : इलाहाबाद का नाम परिर्वतन कर फिर प्रयागराज करने, कुंभ का आयोजन, लोकसभा चुनाव में प्रयागराज की सभी सीटों पर भाजपा की जीत, लोकसेवा आयोग में धांधली पर बवाल के साथ पिछले 1 साल पूरी दुनिया में यह शहर चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन एक बार फिर से रहा प्रयागराज शहर सुर्खियों में है और वजह बेरोजगारी है। दरअसल प्रयागराज शहर देश का सबसे अधिक बेरोजगारों वाला शहर बन गया है। यानी यहां बेरोजगारों की भीड़ देश के किसी भी दूसरे शहर से कहीं अधिक है। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार  सरकारी संस्था नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) के ‘पीरिओडिक लेबर फोर्स सर्वे’ में यह बेहद ही चौकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। इस आंकड़े को तैयार करने के लिये जुलाई 2017 से जून 2018 के बीच सर्वे हुआ था और अब इसकी रिपोर्ट तीन दिन पहले 31 मई को जारी की गई है। इस रिपोर्ट को मीडिया ने भी जगह दी है और अब यह खबर देश में सुर्खियां बटोर रही है। फिलहाल देश में मोदी सरकार एक बार फिर से प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता संभाल चुकी है और बेहद ही धीमी हो चुकी अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी पर उसे बेहद संवेनशील रणनीति से आगे बढ़ना है, लेकिन इस रिपोर्ट अब सरकार की चिंता जरूर बढा दी होगी। चूंकि प्रयागराज शहर पूरे यूपी या कहें देश के उन चुनिंदा शहरों में से है, जहां देश के कोने कोने से युवा सरकारी सेवा में जाने के लिये तैयारी करने के लिये आते हैं। जबकि उत्तर प्रदेश सरकार के कयी बड़े मुख्यालय इसी शहर में मौजूद हैं ।
यूपी में बेरोजगारी दर बढ़ी
नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस के ‘पीरिओडिक लेबर फोर्स सर्वे’ के अनुसार देश में बेरोजगारी दर के टॉप 10 शहरों में में उत्तर प्रदेश के पांच शहर शामिल हैं। जिनमें प्रयागराज शहर इस सूची में सबसे टॉप पर है। दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश का ही मेरठ जिला है। जबकि तीसरे नंबर पर महाराष्ट्र का पुणो मौजूदा है। सर्वें के आंकड़ों के अनुसार इन शहरों में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से बहुत अधिक है।  यूपी के शहरो में प्रयागराज, मेरठ, कानपुर, गाजियाबाद, लखनउ, वाराणसी व आगरा को इस सूची में जगह दी गयी है।
सर्वे के आंकड़े
नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस की ओर से हुये इस सर्वे में 10 लाख से अधिक आबादी वाले 45 शहरों को शामिल किया गया था। जिसमें देश में सबसे कम बेरोजगारी दर 0.1 प्रतिशत महाराष्ट्र के वसई-विरार शहर में है। इसके अलावा राजकोट (0.3), मदुरै (0.6) और नासिक (0.9) ऐसे शहर हैं जहां बेरोजगारी दर 1 प्रतिशत से कम है, जिसके कारण यह बहुत अधिक चिंताजनक नहीं हैं। लेकिन, इस सूची में चौंकाने वाला नाम उत्तर प्रदेश का है। यहां के 7 शहर इस सूची में शामिल हैं, जो चिंता जनता हैं। इस पूरे सर्वे में प्रयागराज शहर की हालत सबसे खराब है। यहां बेरोजगारी दर 8.9 प्रतिशत है, जो बहुत ही चिंताजनक है। दूसरे स्थान पर भी यूपी का मेरठ जिला 8.5 प्रतिशत की बेरोजगारी दर के साथ मौजूद है। जबकि अन्य शहरों में कानपुर 6.6 प्रतिशत, गाजियाबाद 6.3प्रतिशत, लखनऊ 5.9प्रतिशत, वाराणसी 3.6प्रतिशत, आगरा 2.1 प्रतिशत की दर से बेरोजगारी है।
पुरूष के अलग आंकडों में मेरठ टाप पर
नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस की ओर से हुये इस सर्वे में  पुरुष और महिला की अलग अलग बेरोजगारी दर भी जारी की गयी है। जिसमें यूपी का ही मेरठ शहर टॉपर है। इस शहर में 12.9 प्रतिशत पुरुष बेरोजगारी दर है। जबकि राजस्थान का कोटा 11.7 प्रतिशत के साथ दूसरे नंबर पर उपस्थित है। वहीं इस सूची में प्रयागराज थोड़ा नीचे आ जाता है और 11.3 प्रतिशत के साथ तीसरे नंबर पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
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Written by Amarish Shukla

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