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आचार संहिता उल्लंघन में पूर्व मंत्री विमल कृष्ण अग्रवाल भेजे गये जेल

इलाहाबाद / प्रयागराज : प्रयागराज स्थित सांसद विधायक स्पेशल कोर्ट ने आचार संहिता उल्लंघन के मामले में पूर्व मंत्री विमल कृष्ण अग्रवाल को जेल भेज दिया है। लगातार वारंट जारी रहने के बाद भी कोर्ट हाजिर न होने पर स्पेशल कोर्ट ने पिछले दिनों गैर जमानती वारंट जारी किया था और यह साफ कर दिया था कि अग्रवाल को राहत नहीं मिलने वाली है। पुलिसिया सख्ती से बचने व गैर जमानतीय वारंट रद्द कराने के लिये गुरूवार को अग्रवाल ने स्पेशल कोर्ट में सरेंडर किया था। जहां स्पेशल कोर्ट ने उन्हे किसी भी तरह की राहत देने से इन्कार करते हुये जेल भेज दिया। अग्रवाल को प्रयागराज के नैनी सेंट्रल जेल ले जाया गया है।
नहीं मिला वकील, बीमारी की देते रहे दलील
प्रयागराज जिला कचहरी में गुरूवार को हड़ताल हो गयी थी। जिसके कारण स्पेशल कोर्ट में जब पूर्व मंत्री विमल कृष्ण अग्रवाल सरेंडर करने पहुंचे तो उन्हें कोई वकील नहीं मिला। नतीजतन उन्होंने खुद ही अपना पक्ष रखा और अपनी सरेंडर अर्जी के साथ जमानत की अर्जी कोर्ट में दाखिल की। स्पेशल कोर्ट में अग्रवाल ने दलील दी की वह बहुत बीमार हैं, इसलिये उन्हें जमानत दे दी जाये। हालांकि स्पेशल कोर्ट ने लगातार सुनवाई की तारीखों पर हाजिर ना होने और कोर्ट का सहयोग न करने पर उन्हे कोई राहत नहीं दी और ढाई घंटे न्यायिक अभिरक्षा में रखने के बाद जेल भेज दिया। हालांकि स्पेशल कोर्ट ने जेल अधीक्षक नैनी को समुचित इलाज का आदेश दिया है।
दर्ज हैं दो मामले
पूर्व मंत्री विमल कृष्ण अग्रवाल पर दो अलग अलग मामले दर्ज थे, जिनमें उनके विरूद्ध वारंट जारी किया गया था। इसमें एक मामला 8 अप्रैल 2007 को बदायूं के कोतवाली थाने में दर्ज हुआ था। जिसमें उन पर आरोप था कि आदर्श आचार संहिता का उन्होंने उल्लंघन किया था। जगह जगह उनके बैनर पोस्टर लगे थे, साथ ही वाल राइटिंग करायी गयी थी। उन पर यह भी आरोप था कि बिना अनुमति के उन्होंने जनसभा की थी । जबकि दूसरा मामला बदायूं के उझानी थाने में दर्ज है ।  इन दोनों मामले में उन पर मुकदमा दर्ज किया गया था । इन मामलों में सीजेएम बदायूं ने सितंबर 2017 ही गैर जमानती वारंट जारी किया था, लेकिन यह हाजिर नहीं हो रहे थे। अब बदयूं से ट्रांसफर होकर यह मामला स्पेशल कोर्ट में आया था। जहां उन्हे हाजिर होने के लिये वारंट जारी किया गया, लेकिन वह हाजिर नहीं हो रहे थे। इस पर कोर्ट ने सख्त रूख दिखाते हुये अब उनके सरेंडर करने पर जेल भेजने की कार्यवाही की है। इस प्रकरण की अगली सुनवाई 1 जून को होगी। मुकदमे पर सुनवाई स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी कर रहे हैं। हालांकि उन्हे अब जमानत मिल गयी है और उन्हे रिहा कर दिया गया है।
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Written by Amarish Shukla

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