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बहुबली अतीक के फूलपुर से चुनाव लडने की उम्मीदें खत्म, गुजरात जेल में ट्रांसफर

प्रयागराज / इलाहाबाद : फूलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लडने की फिराक में रहे यूपी के बाहुबली नेता अतीक अहमद को जोरदार झटका लगा हैं। सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ के व्यापारी के कथित अपहरण मामले में सीबीआई जांच के निर्देश हुये अतीक को अहमद को नैनी जेल से गुजरात जेल ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण मंगलवार को अतीक अहमद का ना तो नामांकन हुआ और ना ही उनके परिवार से किसी ने नामांकन किया। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अतीक के सियासी खेमे में हडकंप मचा हुआ है, तो दूसरी ओर इलाहाबाद व फूलपुर लोकसभा चुनाव में अतीक के असर को खत्म होते हुये भी देखा जा रहा है। माना जा रहा था कि अतीक अब नैनी जेल से एक बार फिर अपनी रसूख का इस्तेमाल कर चुनाव लडेगा और यह तय था कि नैनी जेल में रहने के दौरान अतीक का प्रभाव चुनाव पर सीधे तौर पर पडता। लेकिन ऐन मौके पर अतीक का नैनी प्रयागराज जेल से गुजरात ट्रांसफर का आदेश अतीक के लिये बडा झटका साबित हो गया और अब अतीक के राजनैतिक कैरियर पर विराम लगता हुआ दिखाई पडने लगा है। फिलहाल अब यह तय हो गया है कि अतीक चुनाव नहीं लडेंगे, ऐसे में भाजपा की गणित को जहां झटका लगेगा वहीं सपा बसपा गठबंधन को बडी राहत मिलती दिखने लगी है और फूलपुर में अब मुस्लिम वोटों का धुव्रीकरण सपा के लिये आसान हो जायेगा।
चीफ जस्टि की बेंच का फैसला
सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने रियल एस्टेट डीलर मोहित जायसवाल के कथित अपहरण और प्रताड़ना के मामले में अतीक अहमद और उसके साथियों के विरूद्ध सीबीआई जांच का तो आदेश दिया ही। लेकन सबसे अहम कार्यवाही अतीक को यूपी से गुजरात भेजना है। हालांकि अब अतीक को किस तरह से हर सुनवाई पर प्रयागराज ले आया जायेगा, यह सवाल प्रशासन के सामने होगा। ऐसे में अतीक के जेल बदले जाने वाले आदेश में अभी बदलाव की संभावना बनी हुई है। चूंकि तबीयत खराब होने व दूर जेल से हर सुनवाई पर प्रयागराज लाने में सुरक्षा कारणों का हवाला देकर अतीक व उनकी पत्नी ने यूपी  सरकार से जेल बदलने की मांग की थी। जिस पर सरकार की संस्तुति पर पिछले दिनों चुनाव आयोग ने अतीक को नैनी जेल में शिफ्ट करने का आदेश जारी किया था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश से अतीक का वर्चस्व न सिर्फ प्रयागराज बल्कि यूपी से भी खत्म करने की दिशा में बडा कदम बताया जा रहा है।
क्या था मामला
अतीक अहमद के जेल में हुकूमत चलाने की खबरों के बाद नैनी सेंट्रल जेल से अतीक को देवरिया जेल में ट्रांसफर किया गया था। जिसके बाद प्रयागराज तो कुछ शांत हुआ लेकन अतीक के कारनामे देवरिया जेल में भी शुरू हो गये। जहां पिछले साल दिसंबर में अतीक के गुर्गों ने आलमबाग के रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को उनकी गाड़ी समेत घर से अगवा कर लिया था और देवरिया जेल में बंद अतीक की बैरक में ले जाया गया। जहां अतीक ने बेरहमी से मोहित को पीटा और कनपटी पर पिस्टल सटाकर मोहित की पांच कंपनियों का मालिकाना हक दो युवकों के नाम ट्रांसफर करवा लिया गया। इस मामले में मोहित ने कृष्णानगर कोतवाली में अतीक अहमद, उनके बेटे उमर समेत 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। थी। घटना की खबर बाहर निकली तो नेशनल मीडिया की सुर्खियां बन गयी। अतीक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ तो प्रशासनिक महकमें में हडकंप मच गया। अतीक पर एफआईआर के बाद यूपी प्रशासन ने जेल में छापा भी मारा और अतीक को देवरिया से बरेली जेल भेज दिया गया था। लेकिन इसी बीच अतीक को देवरिया से वापस नैनी सेंट्रल जेल प्रयागराज भेजे जाने का आदेश सरकार ने जारी किया, लेकिन नैनी सेंट्रल जेल से अब गुजरात जेल में अतीक को ट्रांसफर करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। गौरतलब है कि अतीक अहमद पर दर्जनों की संख्या में मुदमें हैं, जिनमें प्रयागराज परिक्षेत्र में ही हत्या, लूट जैसे 20 से ज्यादा गंभीर मुकदमे  दर्ज हैं। नैनी एग्रीकल्चर कालेज में गुंडई दिखाने के बाद अतीक के विरूद्ध हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई थी, जिसके बाद वह गिरफ्तार किये गये और तब से वह जेल में ही बंद हैं और उनकी हर तरह की जमानत निरस्त कर दी गयी है।
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Written by Amarish Shukla

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