in

शिक्षा नौकरी नहीं जीवन की समस्या से निकलना सिखाती है : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

Education teaches not to get job but to get out of life's problem: Governor Anandiben Patel
Education teaches not to get job but to get out of life's problem: Governor Anandiben Patel
लखनऊ : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शिक्षा नौकरी नहीं जीवन की समस्या से निकलना सिखाती है।Education teaches not to get job but to get out of life’s problem: Governor Anandiben Patel

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में लुम्बा फाउण्डेशन की ओर से आयोजित ‘विधवा सशक्तीकरण कार्यक्रम’ के अंतर्गत विधवा महिलाओं को सिलाई मशीन वितरित की।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास तथा पुष्टाहार राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार स्वाती सिंह, प्रबंध निदेशक इण्डियन डायसपोरा क्लब रजत कपूर, निदेशक लुम्बा फाउण्डेशन अतुल पाटला, संस्थान के निदेशक डाॅ0 ए0के0 पाठक सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।

उल्लेखनीय है कि लुम्बा फाउण्डेशन द्वारा 500 विधवा महिलाओं को सिलाई मशीन प्रदान की जायेगी एवं प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। प्रशिक्षण के बाद वे अपने घर से सिलाई का काम कर सकेंगी।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विधवा महिलाओं का आह्वान किया कि वे हिम्मत से काम लें तथा स्वयं को स्वावलम्बी बनायें। विधवा महिलाओं का सर्वेक्षण करके यह तय करें कि महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में किस व्यवसाय के माध्यम से जोड़ा जाये, जहाँ उन्हें प्रशिक्षण के साथ-साथ उनके द्वारा तैयार किये गये उत्पाद को उचित बाजार भी मिले। उन्होंने कहा कि कार्य में गुणवत्ता होगी तो कार्य स्वयं बोलेगा।

राज्यपाल ने महिलाओं को सलाह दी कि शिक्षा नौकरी नहीं जीवन की समस्या से निकलना सिखाती है। शिक्षा को नौकरी से न जोड़कर हुनर सीखे। छोटे-छोटे कामों में भी बड़ी आमदनी हो सकती है। थोड़े पैसे के मोह में बच्चों को काम पर न लगाकर उनकी पढ़ाई पूरी करने का अवसर दें। बच्चें हुनर सीखें मगर पढ़ाई को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि यह प्रयास होना चाहिए कि बच्चों की शिक्षा का पूरा प्रबंध हो।

आनंदीबेन ने व्यवसाय के मंत्र बताते हुये कहा कि कई शहरों में महिलाएं कटी हुई सब्जी, पापड़, मसाले इत्यादि तैयार करके अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं। कामकाजी महिलाओं के पास समय नहीं होता ऐसे में सिलाई में निपुण महिलाएं पुराने कपड़ों की मरम्मत करके अच्छी आय अर्जित कर सकती हैं। समय पर कार्य करने की आदत डालें। जो समय पर काम पूरा करता है उसे काम भी ज्यादा मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल की यूनीफार्म तैयार करने में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार स्वाती सिंह ने कहा कि महिलाएं सृष्टि का हिस्सा हैं। देश को बनाने में महिलाओं की भागीदारी है। सिलाई का गुण महिलाओं में कला का एक रूप है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो सकती हैं।

कार्यक्रम में अतुल पाटला ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा रजत कपूर ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

Education teaches not to get job but to get out of life's problem: Governor Anandiben Patel
Education teaches not to get job but to get out of life’s problem: Governor Anandiben Patel

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में उच्च शिक्षा, माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षा से जुड़ी एक उच्च स्तरीय बैठक ‘पढ़े लखनऊ’ अभियान के अंतर्गत बुलाई।

बैठक में राज्यपाल ने विद्यार्थियों में पुस्तक न पढ़ने व पुस्तकालय न जाने की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुये कहा कि आज के विद्यार्थी पुस्तकों से दूर हो रहे हैं। पुस्तक पढ़ने की आदत समाप्त हो रही है। बच्चे ज्यादा से ज्यादा समय मोबाईल फोन पर बिताते हैं, जिसके अपने दुष्परिणाम हैं।

राज्यपाल ने कहा कि बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें अवसर प्रदान करने की है। बच्चों को और अधिक संस्कारवान तथा चरित्रवान बनाने के लिए शिक्षा में बदलावा लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो काम दृढ़ इच्छाशक्ति, समन्वय और विश्वास के साथ किये जाते हैं, उनमें सफलता अवश्य मिलती है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राज्यपाल हेमन्त राव, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग आर0के0 तिवारी, प्रमुख सचिव कृषि शिक्षा विभाग अमित मोहन, सचिव चिकित्सा शिक्षा मुकेश मेश्राम, जिलाधिकारी लखनऊ कौशलराज शर्मा, कुलपति लखनऊ विश्वविद्यालय प्रो0 एस0पी0 सिंह, कुलपति ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय प्रो0 माहरूख मिर्जा, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारीगण सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

राज्यपाल ने कहा कि एक समिति का गठन किया जाये। समिति के नोडल अधिकारीगण एक कलैण्डर बनाये। लखनऊ के कक्षा आठ से बारह तक के छात्र तथा कालेज एवं विश्वविद्यालय के छात्रों हेतु पढ़ने के लिये सेशन हो जिसमें वे अपनी रूचि के आधार पर पुस्तक का चयन करें।

पुस्तक का चयन बच्चों के रूचि के आधार पर हो चाहे वह शहीदों, महापुरूषों या अन्य ऐसे विषय पर हो, जो अच्छे संस्कार देकर ज्ञानवर्धन करे। सेशन में माध्यमिक स्तर के सरकारी विद्यालय, निजी विद्यालय, सरकारी एवं निजी विश्वविद्यालयों को भी सम्मिलित किया जाये। यह कार्य पहले ‘पढ़े लखनऊ’ अभियान के अंतर्गत शुरू किया जायेगा, बाद में इसे प्रभावी रूप रेखा बनाकर आगे भी विस्तरित किया जायेगा।

राज्यपाल ने बताया कि एक परिवार गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी की 10 हजार बायोग्राफी भेंट स्वरूप देना चाहता है। सामान्य ज्ञान और व्यवसायिक ज्ञान बढ़ाने वाली पुस्तकों को भी इसमें सम्मिलित किया जाये तथा पुस्तकालय के समय में परिवर्तन करके ऐसा समय निर्धारित करें कि कालेज से लौटने के बाद विद्यार्थियों को पढ़ने का लाभ मिले।

थीम के आधार पर हम एक महीने पढ़ने के लिये कलैण्डर बनाया जा सकता है जिसमें किसानों के साथ परिचय हो, उद्योगों की जानकारी हो, देश की विविधता और संस्कृति के बारे में जानने के साथ-साथ प्रकृति और जीव-जन्तुओं की पहचान तथा लखनऊ का इतिहास जानने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ने के लिये प्रोत्साहित करें तथा पढ़ने वाले बच्चों को सम्मानित करें तो अच्छे वातावरण के साथ एक अच्छा संदेश भी जायेगा।

राज्यपाल ने कहा कि ‘पढ़े लखनऊ’ अभियान की रूपरेखा जल्द से जल्द तैयार करके प्रस्तुत किया जाये जिससे आगे के भावी कार्यक्रम तैयार किये जा सकें। राज्यपाल ऐसा अभिनव प्रयास राजभवन मध्य प्रदेश में रहते हुये भी कर चुकी हैं जिसकी सर्वत्र सराहना हुई थी।

Written by National TV

cm yogi in digvijaynath PG college gorakhpur

पाठ्यक्रम व्यवहारिक हों, समाजकेन्द्रित हों तभी जिम्मेदारी निभा सकेंगे : सीएम योगी

lko nagar nigan continues campaign against banned plastic

नगर निगम का प्रतिबंधित प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान लगातार जारी