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UPPSC में चार्ज लेते ही अध्यक्ष प्रभात कुमार का एक्शन शुरू, अनु सचिव सुरेंद्र उपाध्याय निलंबित

इलाहाबाद / प्रयागराज : योगी सरकार के सबसे खास अफसरों में रहे व विशेष अनुशंसा उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष बनाये गये डा. प्रभात कुमार ने चार्ज लेते ही एक्शन शुरू कर दिया है। उनकी पहली कार्रवाई अनु सचिव सुरेंद्र उपाध्याय पर हुई हैं। उन्हे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन का कारण  परिसर व विभागों में गंदगी मिलना बताया गया है। हालांकि अध्यक्ष के शुरूआती तेवर देखकर अब हड़कंप मच गया है। साथ ही आयोग में सुधार व बदलती परिस्थितियों का द्श्य समागोचर होने लगा है।  गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग में व्याप्त गड़बड़ियों की सफाई करने के लिये ईमानदार व भ्रष्टाचार विरोधी छवि वाले प्रभात कुमार को तीन दिन पहले ही तैनाती मिली है और प्रभार ग्रहण करने के साथ उन्होंने परिसर का निरीक्षण व देखरेख का कार्य भी शुरू कर दिया है। परीक्षण निरीक्षण के दौरान ही परिसर व विभागों में भारी गंदगी देखने को मिली। इस पर अध्यक्ष ने विविध प्रकोष्ठ के प्रभारी व यूपीपीएससी के पीआरओ का जिम्मा संभाल रहे अनु सचिव सुरेंद्र उपाध्याय को निलंबित कर दिया ।
कार्रवाई से दिया सीधा संदेश
उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष डा. प्रभात कुमार ने बुधवार को आयोग परिसर का भ्रमण किया और परिसर की व्यवस्थाओं को देखा। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक भवन ,गोपन व अधिष्ठान सेक्शन, मशीन, परीक्षा सेवाएं व  विविध लेखा व अधिष्ठान अनुभाग का बाहरी निरीक्षण किया। निरीक्षणके दौरान हर जगह गंदगी व जगह.जगह कूड़े का ढेर, झाड़ियां, इकट्ठा गंदा पानी देखकर उनका पारा चढ़ गया और विविध प्रकोष्ठ के प्रभारी सुरेंद्र उपाध्याय को फटकार लगाई और अपने काम में लापरवाही बरतने पर तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया। गौरतलब है कि  सुरेंद्र उपाध्याय को आयोग की साफ.सफाई, खान.पान का प्रबंध आदि करने की जिम्मेदारी मिली हुई थी, जिसमें खरा न उतरने पर उनके विरूद्ध निलंबन की कार्रवाई की गयी है।
कर्मचारी अधिकारियों की जुटा रहे जानकारी
नवनियुक्त  अध्यक्ष प्रभात कुमार ने लोकसेवा आयोग के प्रयागराज मुख्यालय में तैनात अफसरों व कर्मियों से कार्यो के बारे में पूछताछ कर उनके बारे में पूरी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। अपने निरीक्षण के दौरान इस बावत उन्होंने काफी विस्तृत पूछताछ की। फिलहाल प्रभात कुमार इस समय आयोग के दूसरे अधिकारियों व कर्मचारियों के कार्यो की समीक्षा में जुटे हैं। कौन क्या काम कर रहा था और उसका प्रभाव व परिणाम क्या हो रहा था, इसे वह बारीकी से परख रहे हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो प्रभात के निशाने पर गड़बड़ी करने वाले कई अधिकारी हैं, जिनपर कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल कयी नाम अध्यक्ष के सामने आ गये हैं और उनका पूरा बायोडाटा अब एकत्रित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में कयी बडी कार्रवाई आयोग से देखने को मिल सकती है।
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Written by Amarish Shukla

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