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बाहुबली अतीक अहमद वारणसी से पीएम मोदी के खिलाफ लडेंगे चुनाव, स्पेशल कोर्ट से पैरोल के ली लिये की प्रार्थना

प्रयागराज : अपने राजनैतिक कैरियर और रसूख को खत्म होता देख और पूरे देश में खुद को लाइमलाइट में लाने के लिय बाहुबली अतीक अहमद ने बडा कैदम उठाया है। बाहुबली अतीक अब पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लडेंगे। फूलपुर से चुनाव लडने की तैयारी में जुटे अतीक ने आखिरी समय तक फूलपुर लोकसभा चुनाव में खुद को किसी पार्टी से टिकट दिये जाने की संभावना तलाशते रहे। लेकिन जब किसी पार्टी ने उन्हे टिकट दिया था तो अतीक ने भी इस बार चुनाव में हथियार डाल दिये और चुनाव न लडने का फैसला लिया। लेकिन, शनिवार को अतीक अहमद की ओर प्रयागराज की सांसद विधायक स्पेशल कोर्ट में एक अर्जी डाली गयी, जिसमें वाराणसी से चुनाव लडने के लिेय पौरोल पर रिहाई देने की प्रार्थना की गयी है। अतीक ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि वह जेल में रहकर चुनाव प्रचार प्रसार नहीं कर सकते। इसलिये कोर्ट उन्हे तीन सप्ताह के लिये अल्पकालिक जमानत (पैरोल) पर रिहा किया जाए। अतीक की इस अर्जी पर 29 अप्रैल को सुनवाई होगी।
जेल से ही नामंकन होगा
अतीक की ओर से स्पेशल कोर्ट में दी गयी अर्जी के अनुसार उनके लिये वाराणसी से नामंकन प्रपत्र ले लिया गया है और नामांकन के लिये सारे कागजात भी तैयार कर लिये गये है। जेल से ही वह नामांकन करेंगे। माना जा रहा है कि अतीक के खास लोगों की पूरी टीम उनके चुनाव लडने के लिये पूरी तैयारी कर रही है और नामांकन भी उनके द्वारा किया जायेगा। संभावना है कि अतीक के परिवार से भी नामांकन के दौरान कोई मौजूद रहे है। हालांकि भाई अशरफ या बेटे उमर पर कानूनी शिंकजे के डर से इनका सामने आना मुश्किल नजर आ रहा है।
फिलहाल अतीक के इस फैसले के बाद उनके राजनैतिक कैरियर पर विराम लगने की पूर्ण संभावनाओं को खारिज कर दिया है। साथ ही पूरे देश में लाइम लाइट में आने के लिऐ देश की सबसे हाट सीट को चुना है। जहां वह पीएम मोदी का मुकाबला करेंगे। फिलहाल वाराणसी से प्रियंका का इंतजार कर रहे लोगों को चुनाव में अब अतीक के आने से दिलचस्पी दिखाई देगी और वारणसी का चुनाव अब पीएम मोदी के लिये मुस्लिम वोटों को अपनी ओर मोडने में सीधी मुश्किल खडी करेगा। क्योंकि अतीक का मुस्लिम समाज में बेहद अंदर पैठ है और अपनी लोकप्रियता का फायदा उठाकर अतीक एक बार फिर राजनीति में वापसी करने को बेताब हैं।
तीन सप्ताह की मांगी पैरोल
फूलपुर से सांसद रहे चुके अतीक अहमद पिछले दो साल से जेल में ही बंद हैं और पिछली बार फूलपुर लोकसभा के लिये हुये उप चुनाव में वह जेल के अंदर से ही चुनाव लडें। लेकिन, प्रचार प्रसार के लिये उन्हे जमानत नहीं मिली और जेल में बंद रहे। जिसका कारण अपेक्षाकृत उनका चुनाव हितकर नहीं रहा और वह बुरी तरह से चुनाव हार गये। अतीक भी इस बात को समझ चुके हैं कि बिना जेल से बाहर आये और प्रचार प्रसार किये उन्हे उतने वोट नहीं मिलेंगे, जिससे वह जीत का आंकडा छू सके। ऐसे में वाराणसी से चुनाव लडने के लिये अतीक की टीम ने खास प्लान तैयार किया है और स्पेशल कोर्ट से तीन सप्ताह की पैरोल मांगी है। अतीक के वकील राधेश्याम पांडे ने बताया कि शनिवार को बेल एप्लीकेशन लगा दी गई है जिसकी सुनवाई सोमवार को होगी । वहीं कोर्ट ने इस पर आपत्ति आमंत्रित की है। उन्हे प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) की ओर से चुनाव लडने के लिये टिकट दिया गया है। ऐसे में वह वाराणसी से चुनाव लडेंगे और उन्हे इसकी अधिकारिता प्राप्त है। स्पेशल कोर्ट ने अर्जी को प्रर्कीण वाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया और अभियोजन से आपत्ति मांगी है। प्रकरण पर 29 अप्रैल को सुनवाई होगी। मामले पर सुनवाई स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी करेंगे।
शिवपाल की पार्टी से टिकट
अतीक के वकील ने राधेश्याम पाण्डेय ने बताया कि अतीक को शिवपाल यादव की पार्टी प्रसपा से टिकट दिया जा रहा है। हालांकि पहले इसी पार्टी से अतीक को फूलपुर से चुनाव लडने का भी आफर दिया गया था। हालांकि तब प्रसपा से गठबंधन करने वाली अपना दल कृष्णा गुट ने अपने कदम पीछे खीच लिये थे और वह कांग्रेस के साथ हो गये और फूलपुर से खुद ही अपना गठबंधन प्रत्याशी उतार दिया था। इसके बाद से अतीक के चुनाव लडने की संभवना सपा से भी उठी लेकिन अंतिक समय तक बात नहीं बनी। इधर अतीक के नैनी जेल से गुजरात जेल में ट्रांसफर का भी आदेश सुप्रीम कोर्ट से आ गया, जिसके बाद से अतीक का राजनैतिक कैरियर खतम होने के कगार पर था। लेकिन अचानक से अतीक की वाराणसी से दावेदारी ने उनकी सियासत की नयी पारी का ऐलान कर दिया है।
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Written by Amarish Shukla

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