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विवेक तिवारी हत्याकांड : हादसे के बाद भागा नहीं था, तुरंत दी थी अफसरों को सूचना – प्रशांत चौधरी

लखनऊ/डेस्क रिपोर्ट :   विवेक तिवारी मर्डर मिस्ट्री

विवेक हत्या कांड की गुत्थी  सुलझाने में एसटीआई जुटी हुई है .  गुरुवार को जेल में बंद सिपाहियों के बयान दर्ज किए गये.।.कई घंटे चली पूछताछ में सिपाही प्रशांत चौधरी ने 28 सितम्बर की रात को हुई घटना के बारे में विस्तृत जानकारी दी. जिसने केश में नया रुख सामने आया है प्रशांत के बयान के अनुसार हादसे के तुरंत बाद अफसरों को सूचना दी थी .

Prashant Chaudhry In Vivek Tiwari Murder Case
विवेक तिवारी हत्याकांड का मुख्य आरोपी कांस्टेबल प्रशांत चौधरी का फोटो, फोटो क्रेडिट : google.com

प्रशांत ने विवेक तिवारी को गोली मारने के बाद मौके से भागने की बात को खारिज किया है. प्रशांत ने बताया कि उनकी बाइक क्षतिग्रस्त हो गई थी. लिहाजा वह गाड़ी का पीछा नहीं कर पाया। बकौल प्रशांत उसने घटना के तुरंत बाद अधिकारियों को फोन करके जानकारी दी थी। बाद में अधिकारियों ने उसे थाने भिजवा दिया था और सुबह उसका मेडिकल करवाया गया

एसआईटी ने प्रशांत और संदीप से यह भी पूछा कि क्या वह लोग विवेक और सना को पहले से जानते थे.

इस पर बर्खास्त सिपाहियों ने इनकार कर दिया.

प्रशांत ने कहा कि वह लोग विवेक और सना को नहीं जानते थे और न ही उन लोगों की उनसे कोई रंजिश थी. प्रशांत ने साफ कहा कि उसने घटना वाली रात को पहली बार विवेक और सना को देखा था.

कुछ और ही कहता है चश्मदीद सना का बयान 

Sana Khan in Vivek Tiwari Murder Case

विवेक तिवारी हत्याकांड की मुख्य चश्मदीद गवाह सना खान, Photo : Google.com

विवेक तिवारी  हत्याकांड की इकलौती चश्मदीद सना खान ने खुलासा किया कि गोली लगने के बाद भी विवेक तिवारी की जान बचाई जा सकती थी, लेकिन सरकारी तंत्र की लापरवाही के चलते उनको नहीं बचाया जा सका. सना के मुताबिक गोली लगने के करीब डेढ़ घंटे तक विवेक जिंदा थे. अगर उनको समय पर इलाज मिल जाता, तो विवेक की जान बचाई जा सकती थी .सना के मुताबिक गोली लगने के करीब डेढ़ घंटे तक विवेक जिंदा थे. अगर उनको समय पर इलाज मिल जाता, तो वो बच सकते थे. सना ने कहा कि विवेक घायल होकर भी करीब सौ मीटर तक अपनी गाड़ी लेकर आगे बढ़ गए थे और फिर एक पोल से टकराकर गाड़ी रुक गई थी. गाड़ी में विवेक तड़प रहे थे, उसका फोन लॉक था.

इसके बाद सना गाड़ी से नीचे उतरी और एक ट्रक को रुकने के लिए कहा. महिला को परेशान देख ट्रक वाला रुक गया था. फिर सना ने ट्रक वाले के मोबाइल से पुलिस को फोन किया था.इस दौरान सना पुलिसवालों से गुहार लगाती रही कि वो अपनी जीप से विवेक को अस्पताल ले चलें, लेकिन उनकी किसी ने नही सुनी .

 

आरोपी प्रशांत चौधरी चश्मदीद गवाह सना के बयान में काफी अन्तर है 

अगर प्रसान्त के बयान के अनुसार हादसे के तुरंत बाद पुलिस को दी जानकारी तोह पुलिस मौकाए वारदात पर मौजूद होती .

सच और झूठ की जाँच जारी है अपडेट के लिये बने रहे नेशनल टीवी के साथ 

Written by Ranjeev Thakur

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