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MP में पत्रकारिता की पढाई कर रही छात्रा से मंगनी के बाद यूपी के दारोगा ने शादी से किया इन्कार, सुसाइड नोट लिख खाया जहर, 15 मई को थी शादी

प्रयागराज / इलाहाबाद । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में पत्रकारिता की एक छ़ात्रा के आत्महत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार छ़ात्रा ने अपने मंगेतर के घर पर जहर खाकर जान दे दी है। हालांकि अपनी मौत से पहले उसने चार पेज का सुसाइट नोट लिखा है। जिसमें उसने अपनी मौत का कारण प्यार में धोखा बताया है। छात्रा ने अपनी हत्या का जिम्मेदार यूपी के एक दारोगा व उसके परिजनों पर लगाया है। जिससे उसकी शादी तय हो गयी थी और आगामी 7 सात मई को तिलक और 15 मई को विवाह होना था। लेकिन 30 अप्रैल को अचानक दरोगा ने फोन पर शादी से इंकार कर दिया। जिससे बाद से मामला बिगड गया। दारोगा दहेज में 35 लाख रूपये की डिमांड कर रहा था। जबकि छ़ात्रा के परिजन दारोगा को पहले ही 24 लाख रूपये दहेज में दे चुके थे। बातचीत कर मामला सुलझाने के लिये छ़ात्रा दारोगा के घर झूंसी प्रयागराज आयी थी और जब बात नहीं बनी तो उसने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। फिलहाल फेसबुक से हुई दोस्ती और प्यार की कहानी से शादी की दहलीज तक पहुंची एक लव स्टोरी का दर्दनाक अंत हो गया है।
क्या है मामला
उत्तर प्रदेश के मऊ के हलथरपुर पीलखी निवासी प्रिंशु सिंह 24 भोपाल के माखनलाल चतुर्वेंदी कालेज से पत्रकारिता की पढाई कर रही थी। उसके पिता भरत सिंह स्टील प्लांट में अधिकारी हैं। भोपाल में प्रिंशु अपनी मां और छोटी बहन के साथ वहां रहती थी। पुलिस के अनुसार 3 साल पहले फेसबुक के जरिए प्रिंशु की दोस्ती मुंगराबादशाहपुर (जौनपुर) के गरियांव गांव निवासी दरोगा कालका प्रताप सिंह से हुई थी। दोनों में दोस्ती बढी तो प्यार हुआ तो एक दूसरे से मिलने जुलने का क्रम भी शुरू हो गया। परिजनों ने भी दोनों का रिस्ता स्वीकार कर लिया और पिछले साल अगस्त महीने में दोनों की शादी तय हो गयी और इसी महीने में शादी होनी थी। पुलिस को दी गयी तहरीर पर परिजनों ने बताया है कि प्रिंशु की सगाई के समय 25 लाख रूपये बतौर दहेज भी दिये थे। घर में शादी की तैयारी चल रही थी लेकिन, 30 अप्रैल को अचानक दरोगा ने फोन पर शादी से इंकार कर दिया। वह 35 लाख रूपये और मांग रहा था। जसके बाद लडकी के साथ परिजन झूंसी स्थित दरोगा के घर आये। काफी मान मन्नौवल के बाद भी जब परिजन नहीं माने और बेइज्जती कर घर से भगाने लगे तो प्रिशुं ने आत्महत्या कर ली।
फतेहपुर में तैनात है दारोगा
यूपी के फतेहपुर में तैनात दारोगा कालका प्रताप सिंह प्रयागराज झूंसी के लीलापुर रोड स्थित कॉलोनी में रहता था। घटना के बाद से वह घर छोडकर फरार है। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने धोखाधड़ी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। मामले में जिले के पुलिस कप्तान का कहना है कि जांच की जा रही है। आरोपी दारोगा की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। वह फरार है। सख्त कार्रवाई की जायेगी।
क्या लिख है खत में
प्रिंशु सिंह ने अपनी आत्महत्या से पहले चार पेज का सुसाइड नोट लिखा है, जिसमें उसने अपनी मौत व मौत को गले लगाने की पूरी वजह लिखी है। यहां नीचे हम आपको उस सुसाइड नोट का कुछ प्रमुख अंश दे रहे हैं —
‘मेरा नाम प्रिंशु सिंह है और यह लेटर मैं अपने पूर्ण होशोहवाश में लिख रही हूं। आज दिनांक दो मई को मैं चलती गाड़ी में बैठकर लेटर लिख रही हूं। मैं प्रयागराज कालका प्रताप सिंह के घर जा रही हूं। जब आप सब यह लेटर पढ़ रहे होंगे, तब शायद मैं इस दुनिया में नहीं होऊंगी।’  ‘हमारी दोस्ती अगस्त 2016 में फेसबुक से हुई थी। उसे प्रेम से वह बॉबी बुलाती थी। इसी दौरान दोनों ने एक-दूसरे को अपने मोबाइल नंबर भी दिए। आठ-नौ महीने बाद कालका मुझसे मिलने भोपाल भी आए। लिखा है कि पहले दिन से ही हम दोनों में तय हुआ था कि अगर हम एक-दूसरे को पसंद आए तो विवाह कर लेंगे। भोपाल में मैं अपनी मां और एक दोस्त के साथ कालका प्रताप से रेस्टुरेंट में मिलती थी। बाद में कालका ने कहा कि वह भी अपने घर में विवाह की बात करेंगे। कालका ने पूछा कि विवाह में तुम्हारे घर वाले उसे क्या गिफ्ट देंगे। इस पर प्रिंशु ने जवाब दिया कि 20 लाख कैश और एक कार देंगे। कुछ दिनों बाद मेरे पापा उनके घर रिश्ता लेकर गए। विवाह तय भी हो गया लेकिन किन्ही न किन्ही कारणों से विवाह टलता रहा। इसी बीच नवंबर 2017 में कालका ने झूंसी में मकान खरीदने के लिए 35 लाख रूपये की डिमांड कर दी। इस बात को परिजनों को बताया तो पहले तो वे नाराज हो गए लेकिन बाद में मेरी जिद के आगे मान गए। लिखा है कि बॉबी बहुत अच्छी बातें और प्यार दिखाता था। कहता था तुमसे सच्चा प्यार करता हूं। उस वक्त मैं 20 साल की थी। आज एक मई को बॉबी के बड़े भैया ने शादी के लिए मना कर दिया। बॉबी को न जाने क्या हो गया है। मेरा जीवन इन सबने मिलकर बर्बाद कर दिया। मेरी क्या गलती थी। क्या बॉबी से प्यार करना मेरी गलती थी। न जाने बॉबी ने मेरे साथ ये सब क्यों किया। मेरी मौत के जिम्मेदार बॉबी के घरवाले हैं। मैं कालका के चाचा अरविंद सिंह, जेपी सिंह और बड़े भैया विश्वनाथ प्रताप सिंह की वजह से अपनी जान दे रही हूं। बॉबी ने शादी का झांसा देकर मेरा शारीरिक शोषण किया और मुझे आत्महत्या करने की स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया। मुझे सिर्फ न्याय चाहिए।
गुड बॉय, प्रिंशु सिंह।
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Written by Amarish Shukla

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