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कानून का शासन निर्बल और असहाय के लिए मृग मारीचिका : विजय पाण्डेय

adv vijay kumar pandey attack on law and order lko aft bar
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लखनऊ : अधिवक्ता विजय पाण्डेय ने बहुविवाह करके भी निर्वाचन आयोग में नौकरी करने वाले कर्मचारी और राजधानी के गाजीपुर थाने को लेकर बयान दिया हैl विजय पाण्डेय ने कहा कि कानून का शासन निर्बल और असहाय के लिए मृग मारीचिका हैl adv vijay kumar pandey attack on law and order lko aft bar

अधिवक्ता विजय पाण्डेय ने बताया कि इंदिरा नगर के सर्वोदय नगर मुहल्ले के निवासी पंकज सिंह बहुविवाह के आरोपी होते हुए भी शान से निर्वाचन आयोग में नौकरी पर जमें हुए हैं तमाम शिकायतों के बावजूद विभाग मौन है, क्योंकि देश में कानून का राज हैl

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आरोपी पंकज सिंह ने पहली शादी नीता सिंह से और पहली पत्नी के जीवित रहते बगैर तलाक बिच्छेद किए दूसरी शादी गुमराह करके राजकुमरी सिंह से कर लीl

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जब इसकी जानकारी दूसरी पत्नी को हुई तब उसने विरोध दर्ज किया लेकिन परिणाम यह हुआ कि उसके हाथ पैर भी तोड़ दिए गए पीडिता ने इसकी शिकायत विभाग से लेकर महिला आयोग तक की लेकिन आज तक आरोपी पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं हुईl

पीडिता पत्नी ने निराश होकर  मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, लखनऊ को शिकायती पत्र लिखते हुए कार्यवाही की गुहार लगाई लेकिन किसी महकमें के पास आरोपी के खिलाफ कार्यवाही करने का समय नहीं हैl

पीडिता के अधिवक्ता विजय पाण्डेय ने कहा कि कानून का शासन एक मृग मारीचिका है जो सबलों के पीछे-पीछे घूमती है, निर्बल और असहाय की सुनवाई शासन-प्रशासन में नहीं होती, क्योंकि जिसके पास ऊँची पहुँच और पैसा है वह व्यवस्था के साथ मिलकर अंतिम-आदमी को असहाय बना देता है और “अंतिम-आदमी” को मजाक बना देता है जैसा कि इस प्रकरण में भी हो रहा हैंl

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अधिवक्ता विजय पाण्डेय ने बताया कि इंदिरा नगर के सर्वोदय नगर मुहल्ले के निवासी पंकज सिंह के विरुद्ध 11 जुलाई 2017 को गाजीपुर थाने में धारा-308,338,354A और 394 आई.पी.सी. के तहत ऍफ़.आई.आर. दर्ज हुई थी लेकिन दो वर्ष गुजर जाने के बावजूद भी विवेचना नहीं की जा सकी l

मामला यह था कि आरोपी पंकज सिंह ने अपनी पहली पत्नी के जीवित रहते ही दूसरी शादी कर ली और अपनी अवयस्क पुत्री (कु. प्रिंसी सिंह) और पत्नी ( राजकुमरी सिंह) को जबरन घर से निष्कासित कर दिया और 10 जुलाई, 2017 को आरोपी पंकज सिंह, कन्हैया सिंह और सेफाली इत्यादि ने मिलकर बेटी और मां की गैर इरादतन हत्या का प्रयास कियाl

ऐसी गंभीर चोट पहुंचाई जिससे दोनों की जान जाने का खतरा था, इज्जत लूटने का प्रयास किया और कीमती सामन की लूट की, आज भी पीड़ित की विकलांग माँ और बेटी न्याय की आस लगाए बैठी हैl

पीडिता का कहना है कि आरोपी रसूखदार और पैसेवाला व्यक्ति है इसलिए पुलिस किसी प्रकार की कार्यवाही करने से बच रही है जबकि उसने महामहिम, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर कार्यवाही की गुहार लगा चुकी है लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई,

अब पीडिता ने अधिवक्ता विजय कुमार पाण्डेय और दीपक कुमार भट्ट के माध्यम से बजरिए न्यायालय कार्यवाही करेगीl

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अधिवक्ता विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि पुलिस की कार्यशैली आरोपी के हौसले को बढ़ाने वाली प्रतीत होती है, क्योंकि दो वर्ष का लंबा समय व्यतीत होने के बावजूद भी न पुलिस द्वारा मामले की तफ्सीस की गई और न आरोप-पत्र ही दाखिल किया गया l

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Written by National TV

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