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बड़ी खबर : प्रशांत किशोर कर रहे हैं ‘घर वापसी, हो चुकी नरेंद्र मोदी से मिटिंग

नेशनल टीवी इंडिया : (दिल्ली) बङी खबर नई दिल्‍ली के रायसीना हिल्‍स से बताया जा रहा है कि इलेक्‍शन स्‍ट्रैटजिस्‍ट प्रशांत किशोर की भाजपा में घर वापसी हो रही है . पिछले दिनों वे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से मिले हैं . मुलाकात को कॉल गया था . गिले-शिकवे दूर किए गए हैं . बाद में भाजपा प्रेसीडेंट अमित शाह से भी वन टू वन बातचीत हुई है . प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि प्रशांत किशोर 2019 के लोक सभा चुनाव के लिए नये सिरे से ‘ब्रांड मोदी’ के इमेज को डेवलप करें . नये डीजीपी कौन, तेजी से आगे आया सुनील कुमार का नाम, सीनियोरिटी की भी चर्चा.

बताने वाले कहते हैं कि तैयारी के मुताबिक प्रशांत किशोर की वापसी टीम मोदी में होती है, तो इस दफे की उनकी भूमिका अलग होगी . अमित शाह के नेतृत्‍व वाली भाजपा की आईटी सेल भी अब काफी स्‍ट्रांग है . इस आईटी सेल को अमित मालवीय लीड करते हैं . प्रशांत किशोर नई भूमिका में सीधे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से कनेक्‍ट होंगे . उनकी रिस्‍पांसिबिलिटी मौजूदा चुनौतियों के बाबत देश के वोटरों के समक्ष फिर से ‘देश की जरुरत हैं मोदी’ को स्‍थापित करना होगा .

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प्रशांत किशोर के बारे में जानकारी है कि अभी वे साऊथ में वाईएसआर के लिए स्‍ट्रैटजी तय कर रहे हैं . प्रशांत को भी पता है कि न तो नरेन्‍द्र मोदी और न ही भाजपा अब 2012 जैसी स्थिति में है, जब वे गुजरात में पहली बार नरेन्‍द्र मोदी से कनेक्‍ट हुए थे . अब दोनों ही बहुत स्‍ट्रांग हैं . आप्‍शंस की कमी नहीं है . लेकिन यह बात सही है कि नरेन्‍द्र मोदी को जितना अधिक प्रशांत किशोर जानते हैं, किसी दूसरे इलेक्‍शन स्‍ट्रैटजिस्‍ट को समझने में बहुत अधिक वक्‍त लगेगा . और, 2019 के लोक सभा चुनाव भी तेजी से करीब आते जा रहे हैं . लगातार के बैंक घोटालों ने सरकार की इमेज को बट्टा लगाने का काम किया है .

2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधान मंत्री बनते ही प्रशांत किशोर की अमित शाह से खटपट हो गई थी . फिर वे भाजपा से अलग होकर बिहार में नीतीश कुमार के पास आ गए थे . भाजपा से खटपट का बदला प्रशांत ने बिहार में साध लिया था . 2015 के बिहार विधान सभा चुनाव में भाजपा को शिकस्‍त मिली और महागठबंधन को विशाल जीत मिली .

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लेकिन बिहार के बाद प्रशांत किशोर के खाते में बहुत सारी उपलब्धि नहीं आई है . यूपी में वे कांग्रेस के लिए काम कर रहे थे, लेकिन वहां करारी हार मिली . पर, पंजाब में कांग्रेस की जीत के लिए तैयार की गई स्‍ट्रैटजी हिट हो गई . अब आने वाले दिनों के डेवलपमेंट का इंतजार पोलिटिकल कारीडोर को तेजी से रहेगा, जब अंतिम रुप से दिखेगा कि 2019 के चुनाव के बाबत प्रशांत किशोर किधर जाते हैं .

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Written by National TV

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